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बाँसुरी
भले ही हमारे लबों के मिलने से वह जादुई राग नहीं बनती फिर भी मेरा इश्क़ तुम्हारे लिए कभी कम
हिंसा ऐसे भी होती है
अपनी ज़रूरतें (मन की, ego की, लाभ की … आदि ) पूरी करने के लिए दूसरों को नकारते हुए उनके
सुने जाने का भरोसा सबके पास हो
अगर कोई दुखी है, परेशान है, बेचैन है, अकेला है और ऐसे में हम ये उम्मीद करें की वही अपना