Posts by: Urvi
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- Urvi
- January 3, 2021
पात्र को ही प्राप्त होता है
कुछ भी पाने के लिए पात्र बनना पड़ता है। जितनी म्हणत हम अपनी नौकरी में करते हैं उस से थोड़ी ज़्यादा म्हणत हमे खुद पर करनी होगी। यह काम ज़िन्दगी भर चलने वाला है इसलिए चुनौतीपूर्ण
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- Urvi
- January 2, 2021
खुशलम्हे तो यूं ही मिलते रहते हैं
ज़िन्दगी की राहों में खुश लम्हे आजु-बाजु से गुजरते रहते हैं। मिलो, तो मुलाकात हो। मिलो, तो। एक अच्छे-खासे दिख रहे व्यक्ति से भी अगर पूछें कि, भाई खुश हो? तो भले ही कुछ सोंचकर
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- January 1, 2021
इक्कीसवी सदी का इक्कीसवा साल
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- December 31, 2020
2020 के सिरे छूटने लगे हैं।
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- December 31, 2020
संवेदना
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- December 30, 2020
उन्हें चुप ना रहने दो!
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- December 29, 2020
कमाल गलियां हैं ये!
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- December 28, 2020
बंधन का अर्थ समझा
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- December 27, 2020
कहाँ पहुँचना चाहते हैं?
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- December 26, 2020