Stories that Echo our roots
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- Urvi
- October 23, 2020
महक और यादें
महक और यादें, इनका भी एक तरह का साथ है। पुराने कवि – शायर कहते हैं, “तू चला गया इस बात का गम नहीं है, पर जाने के बाद जो महक रह गयी उसे कैसे
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- Urvi
- October 22, 2020
क्या बोरियत इतनी बलवान है?
अभी जब मैं तुम से मिल ही रही हूँ तो लगता है सबकुछ कितना खूबसूरत है। मन कह रहा है, भरपूर जी लूं इस वक़्त को, क्यूंकि इन मुलाकातों की उम्र बहुत छोटी होती है।
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- October 21, 2020
किंत्सुगी
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- October 20, 2020
ज़िन्दगी … नए रास्तों पर मुड़ती
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- October 19, 2020
क्या आसान बनाने के लिए दूर हो जाना ही बेहतर था?
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- October 18, 2020
पहाड़ों वाली रातें
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- October 17, 2020
क्यों गुमसुम हो जाते हैं लोग?
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- October 16, 2020
हमारी अपनी लाडली हिंदी

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- October 15, 2020
मज़ा expected में नहीं, मज़ा surprise में है
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- October 12, 2020