Latest PostsView All
ये साथ नहीं छोड़ती
हमारी बातों को बड़ी दिलचस्पी से सुनती है, सहेजती है। हम यहां अपने अच्छे बुरे हर तजुर्बे को दर्ज करते हैं।
अकेलेपन की उम्र हमारी उम्र से बहुत लम्बी है
अकेलेपन की उम्र शायद इस धरती से भी ज़्यादा लम्बी लगती है। हर शख्स को उसके हिस्से का अकेलापन मिलता ही
पुकारती आँखें, उन्हें घर ले आएं
ऐसे मासूम चेहरों को कभी गौर से देखा है जिनकी आंखों से उमीदें झाँकतीं हैं? जो हम में से किसी