Posts Tagged: companionship
- 8 Views
- Urvi
- November 10, 2020
जीवन की धुप छाँव में जीवन संगिनी का समर्पण
यूं ही सुबह होती है और यूं ही हो जाती है शाम। ज़िंदगियां यूं ही चली जा रही हैं। एक बड़ा हिस्सा नौकरी में चला जाता है, ये ख्याल रिटायर होने के बाअद ही आता
- 8 Views
- Urvi
- October 29, 2020
कोई किसी भी रूप में अकेला नहीं
हर बात किसी न किसी के सापेक्ष होती है। कितने लोग होते हैं, जो कहते हैं की किसी ने मेरा साथ नहीं दिया। फलां स्थिति में हम अकेले थे, अकेले झूझ रहे थे। जरा सोंच