हर बात किसी न किसी के सापेक्ष होती है। कितने लोग होते हैं, जो कहते हैं की किसी ने मेरा साथ नहीं दिया। फलां स्थिति में हम अकेले थे, अकेले झूझ रहे थे। जरा सोंच