पर्व उत्सवी रूप में आते हैं। उत्साह से मनाये जाते हैं। उनका एक अर्थ भी होता है, जिसके मायने जीवन को उत्साह-भरा और उत्सवी बनाते हैं। जब तम से भरी अमावस की रात आती है,