ऊर्जा का संतुलन हम ‘शिक्षित’ तो हो गए पर आज की इस ‘शिक्षा’ से क्या कुछ हमने पाने की जगह खो दिया। क्या नही लगता हमने खुद को प्रकृति से ही दूर कर लिया