अक्सर हम किसी घटना की याद या किसी के व्यवहार अथवा उसकी तरफ से मिले धोखे को लेकर दुखी होते हैं। नाराजगी घेर लेती है, फिर सोंचते भी हैं की अच्छा-भला वक़्त था, ख़त्म क्यों