प्रभु ने हम सभी को कुछ खूबियां, कुछ खासियत दी है, और इसलिए कुछ गुंजाइशें भी रखी हैं। परिपूर्ण नहीं होना ही शायद ज़िन्दगी की खूबसूरती है। दोनों का स्वीकार का लेना जिंदगी जीने