क्यों गुमसुम हो जाते हैं लोग? मन के हाथ – पैर समेट कर यूं बैठ जाते हैं। बस खुद में ही खो जाते हैं। इनसे आप मुलाक़ात भी नहीं कर सकते क्योंकि ये किसी को