Posts Tagged: toxic relationships
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- Urvi
- January 20, 2021
चलिए सुलझा लें रिश्तों का मांझा
काय पो छे ! कुछ एक सा ही रहता है पतंग की डोर और इंसानी रिश्तों का ताना-बाना परिवार, दोस्त या सहकर्मी, रिश्ता चाहे किसी के भी साथ का हो, एक अनदेखी डोर से बंधा होता है।
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- Urvi
- October 26, 2020
हिंसा ऐसे भी होती है
अपनी ज़रूरतें (मन की, ego की, लाभ की … आदि ) पूरी करने के लिए दूसरों को नकारते हुए उनके अधिकारों और सम्मान को ठेस पहुँचाना हिंसा ही है। यह भावनात्मक प्रक्रिया है। हम अक्सर