लिहाज और #Corona की आपस में बिलकुल नहीं बनती

लिहाज और #Corona की आपस में बिलकुल नहीं बनती।
जरा सोंचिये, क्या आप संक्रमण का शिकार होना पसंद करेंगे बस किसी प्रिय के लिहाज़ (जिसे हम मान भी कहते हैं) के कारण !
“अरे! पागल है क्या, इतने साल पुराना रिश्ता तोड़ दें क्या !!”
चलिए, इसे समझते हैं, मेरे अति प्रिय सभी लोग, रिश्ता तोड़ने को कतई नहीं कहा जा रहा। पर खतरा बड़ा है , भीषण है, इसकी गंभीरता को समझने के लिए कहा जा रहा है। और मान लीजिये कि अगर रिश्ता निभाने वाला व्यक्ति ही नहीं रहा तो क्या कर लेंगे उस ‘लिहाज़ ‘ का?
हमारे अपने ही तर्क हैं की — सब आ-जा रहे हैं , ड्यूटी वाले, ऑफिस वाले, शादी – ब्याह, खाना – पीना, पार्टियां , सब तो चालू ही है।
जहाँ कोई प्रसंग बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है वहां तो #COVID check – up का नियम है, इसलिए एक तसल्ली है की जिन के बीच हम हैं वह अभी संक्रमित नहीं। पर यह सुविधा हमारे घर पर नहीं होती, इसलिए हम पढ़े -लिखे – समझदार लोग इस बात को गंभीरता से लें की ऐसे आयोजन बड़े स्तर पर घर पर करने से बचें। कुछ दिन के लिए कुछ ख़ुशियाँ केवल घर के लोगों के बीच मना लीजिये, नाते – रिश्तेदार – मित्रगण फिर शामिल हो जाएंगे जब स्थितियाँ सामान्य हों जाएँ।
घर में किसी को मौसमी बुखार (viral) , नज़ला – खासी – जुखाम ….. वगैरह हो तो इसे भगवान के लिए हलके में ना लें। डॉक्टर्स भी इन सब छोटी बीमारियों के लिए COVID टेस्ट के लिए नहीं कहते क्यूंकि उनके पास Active और Positive corona cases की बाढ़ है। इसलिए #precautionary COVID test की सलाह अच्छी है। और अगर आप यह भी नहीं करा रहे तो भगवान के लिए, आपके प्रियजनों के लिए खुद को #Quarantine कर लीजिये। हाँ, यह बहुत मुश्किल है, बोरियत होती है, 7 दिन अकेले रहना बाद मुश्किल है कई लोगों के लिए। पर अगर आपके ऐसा करने से आपके आसपास के लोगों के संक्रमित होने का खतरा काम होता है तो क्या आप इस पुण्य को नहीं कमाना चाहेंगे ।
मुझे लगता है की आज के समय में संक्रमण फैलने से रोकने में खुद का सहयोग देना, धनराशि का दान करना या दूसरे तरह के दान करने से कहीं ज़्यादा ज़रूरी हो गया है।
हो सकता है आपकी #immunity बेहद अच्छी हो, मज़बूत हो पर ज़रूरी नहीं की सामने वाले की भी हो। दोस्तों आप भी समझते है ना की स्वस्थ रहने का अधिकार हम सबका है।
अच्छा एक तबका ऐसा भी है जिन्हे इन तमाम बातों से कोई सरोकार नहीं। ऐसे ‘दिवाने’ आपको बिना #mask लगाए, #socialdistancing का पालन नहीं करते हुए और पूरी बेफिक्री के आलम में हर जगह मिलेंगे। मुझे लगता है एक बार के लिए #कोरोना का फिर भी इलाज है और ‘इस’ मानसिकता का नहीं। इसलिए अपनी immunity पे काम करना शुरू कर दें। जो इस संक्रमण को हलके में या मज़ाक में ले रहे हैं कहीं उनका मज़ाक यह आपदा ना बना दे !
आईये , सहयोग दें, इस वैश्विक महामारी को अगर कम नहीं कर सकते तो कम-से-कम इसे बढ़ने से रोकने में सहयोग ज़रूर करें।