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- October 23, 2020
महक और यादें
महक और यादें, इनका भी एक तरह का साथ है। पुराने कवि – शायर कहते हैं, “तू चला गया इस बात का गम नहीं है, पर जाने के बाद जो महक रह गयी उसे कैसे
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- October 22, 2020
क्या बोरियत इतनी बलवान है?
अभी जब मैं तुम से मिल ही रही हूँ तो लगता है सबकुछ कितना खूबसूरत है। मन कह रहा है, भरपूर जी लूं इस वक़्त को, क्यूंकि इन मुलाकातों की उम्र बहुत छोटी होती है।
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- October 21, 2020
किंत्सुगी
अगर कुछ दरक गया है तो उसे छुपाइये मत। उसे दिल लगाकर जोड़िये। उसे पहले से कहीं बेहतर और खूबसूरत बना लीजिए। क्योंकि दरारें छिपाई नही जानी चाहिए। छुपाने की कवायद में हम भीतर ही
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- October 20, 2020
ज़िन्दगी … नए रास्तों पर मुड़ती
ज़िन्दगी … नए रास्तों पर मुड़ती रहती है। लेकिन जो एक कदम ज्यादा चलते हैं, वे कई नयी मुस्कुराहटों से मिलते हैं। वे उन मोड़ों से भी झाँक लेते हैं जहाँ पुराना समय नयी हरकत
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- October 19, 2020
क्या आसान बनाने के लिए दूर हो जाना ही बेहतर था?
रात को सोते वक़्त मिलने आती हैं आपकी यादें, या सताने ही आती होंगी शायद। बड़ी सख़्त दिल हैं, हर वो चीज़, वो लम्हा याद दिलाती हैं जब आपके करीब आने का पूरा हक़ था
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- October 18, 2020
पहाड़ों वाली रातें
पहाड़ों वाली रातें कुछ अलग सी ही होती हैं। पहाड़ों के ऊँचे बदन पर बलखाती हुई नीचे रास्ता बनाती नदी जो अपनी आवाज़ से दिखती है। तारों की बारात से रोशन आसमान जैसे कोई त्यौहार
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- October 17, 2020
क्यों गुमसुम हो जाते हैं लोग?
क्यों गुमसुम हो जाते हैं लोग? मन के हाथ – पैर समेट कर यूं बैठ जाते हैं। बस खुद में ही खो जाते हैं। इनसे आप मुलाक़ात भी नहीं कर सकते क्योंकि ये किसी को
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- October 16, 2020
हमारी अपनी लाडली हिंदी
इन दुनिया में आते ही जो हमे घुट्टी में मिली भाषा होती है वही तो मातृभाषा है। भाषा अकेली नहीं होती, उसमे विरासत, इतिहास, पूर्वज, रिवाज, परम्परा, संस्कृति, धर्म, सोंच और संस्कार जैसा बहुत कुछ

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- October 15, 2020
मज़ा expected में नहीं, मज़ा surprise में है
असल रोमांच मंजिल पर पहुँचने से ज़्यादा मुसाफिरी में है, खानाबदोशी में है। मज़ा expected में नहीं, मज़ा surprise में है। क्यूंकि हम दुनिया को खुद से रूबरू होने का मौका देते हैं। साथ ही
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- October 12, 2020
पिता
अपने समाज में पिता की छवि गंभीर, आवेश में, और निरपेक्ष व्यक्ति की बानी हुई है। परिवार का केंद्र बिंदु होते हुए भी रिश्तों से एक ख़ास दूरी बनाये रखना होता है इन्हे। ममता, हसी,