Blog
- 23 Views
- November 4, 2020
उनके सुख की प्रार्थना
कितनी सुलझी हुई सोंच से हमारे संस्कारों में दूसरों के लिए मनौतियां मानना या दूसरों के हिट की प्रार्थना करना शामिल किया गया है। दूजे के हित को ही संस्कार बना दिया। हम में से
- 32 Views
- November 3, 2020
आपके माता-पिता के साथ “खींचा-खाँची’ वाले रिश्ते को आसान बनाएं
जिससे आपका आपके माता-पिता के साथ या कहें मुखयतः पिता जी के साथ जो “खींचा-खाँची’ वाला रिश्ता बन गया है (ना चाहते हुए भी) , वह आसान बन जाए। क्यूंकि अब आप 25 -30 या
- 23 Views
- October 31, 2020
आसान नहीं होता आज की नारी से प्यार करना
आसान नहीं होता आज की नारी से प्यार करना, क्यूंकि उसे पसंद नहीं होती जी हुजूरी, झुकती नहीं वो कभी जब तक ना हो रिश्तों और प्रेम की मजबूरी। तुम्हारी हर हाँ में हाँ और
- 20 Views
- October 30, 2020
यह ‘पॉज’ बटन
जब उन लोगों को महामारी ने घेरा, तब तन्हाई से मुलाकात हुई और कई सारी बातें भी हुई उससे। कुछ के लिए यह अनुभव डरावना था, चिंतित करने वाला था, dipression में ले जाने वाला भी था
- 22 Views
- October 29, 2020
कोई किसी भी रूप में अकेला नहीं
हर बात किसी न किसी के सापेक्ष होती है। कितने लोग होते हैं, जो कहते हैं की किसी ने मेरा साथ नहीं दिया। फलां स्थिति में हम अकेले थे, अकेले झूझ रहे थे। जरा सोंच
- 23 Views
- October 28, 2020
सबकी सीमा तय है
अक्सर हम किसी घटना की याद या किसी के व्यवहार अथवा उसकी तरफ से मिले धोखे को लेकर दुखी होते हैं। नाराजगी घेर लेती है, फिर सोंचते भी हैं की अच्छा-भला वक़्त था, ख़त्म क्यों
- 16 Views
- October 27, 2020
बाँसुरी
भले ही हमारे लबों के मिलने से वह जादुई राग नहीं बनती फिर भी मेरा इश्क़ तुम्हारे लिए कभी कम नहीं होता। जब तुम मेरी सांसों से कोई राग बुनते हो, तुम्हारा एक – एक
- 39 Views
- October 26, 2020
हिंसा ऐसे भी होती है
अपनी ज़रूरतें (मन की, ego की, लाभ की … आदि ) पूरी करने के लिए दूसरों को नकारते हुए उनके अधिकारों और सम्मान को ठेस पहुँचाना हिंसा ही है। यह भावनात्मक प्रक्रिया है। हम अक्सर
- 19 Views
- October 25, 2020
सुने जाने का भरोसा सबके पास हो
अगर कोई दुखी है, परेशान है, बेचैन है, अकेला है और ऐसे में हम ये उम्मीद करें की वही अपना हाथ बढ़ाये और मदद मांगे। मुझे लगता है हमे अपने इस सोच / स्वभाव में
- 20 Views
- October 24, 2020
पिछली बार, कब किसी काम को पहली बार किया था?
प्रश्न, छोटा – सा है। पर इसका प्रभाव गहरा पड़ता है। “पिछली बार, कब किसी काम को पहली बार किया था?” आपने भी यह महसूस किया होगा की अधिकाँश लोगों की लिए जीवन