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- November 12, 2020
जिंदगी हमारी परीक्षा लेती है ताकि हम बदलाव ला सकें
जिंदगी काई बार हमारी परीक्षा लेती है। कई बार वह शरीर की परीक्षा लेती है। यह कोई बिमारी हो सकती है या कोई चोट। फिर जिंदगी विचारों के स्तर पर आपकी परीक्षा लेती है। यह
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- November 11, 2020
रिश्तों को सिलने की ज़रुरत है
एक छोटा बच्चा था। कोई नौ – दस साल का। अपनी छोटी बहन का फटा जूता मोची के पास लेकर गया था। जूता काफी पुराण था पर सिलवाने के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं था।
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- November 10, 2020
जीवन की धुप छाँव में जीवन संगिनी का समर्पण
यूं ही सुबह होती है और यूं ही हो जाती है शाम। ज़िंदगियां यूं ही चली जा रही हैं। एक बड़ा हिस्सा नौकरी में चला जाता है, ये ख्याल रिटायर होने के बाअद ही आता
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- November 10, 2020
गुनगुनी धूप, गुनगुनाता मन !
गुनगुनी धुप, गुनगुनाता मन छांव शरारती, इठलाता तन !! गुलाबी शहर में गुलाबी सर्दी दस्तक दे चुकी है। खिड़की की जालियों से झांकती धूप चेहरे पर अच्छी लग रही है। लम्बी गर्मियों के बाद
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- November 9, 2020
स्त्री हूँ, हारना मना है
शेक्स्पियर ने कहा था की दुनियां एक रंगमंच है। जहां हम सब इस जिंदगी नाम के नाटक में कई तरह के किरदार निभाते हैं। और अगर कोई सबसे अच्छा अभिनय करता है तो वो हैं
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- November 8, 2020
बनाने में घंटों लगते हैं और खाने में कुछ पल ही
बनाने में घंटों लगते हैं और खाने में कुछ पल ही बड़े जतन से बनाती हैं। कभी सुबह से तैयारी करती हैं, कभी कुछ धुप में सुखाती हैं फिर बारीक पीसती हैं, कभी कुछ पानी
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- November 7, 2020
सभी अपनी अपनी यात्रा पे हैं
हम सभी अपनी अपनी यात्रा पे हैं। यही जीवन यात्रा, जहाँ भांति भांति के लोग मिलते हैं और बिछड़ते भी हैं। बिछड़ने पर हम उदास हो जाते हैं। हम यह नहीं सोंच पाते की उनकी
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- November 6, 2020
ख़ुशी का पता? इन नन्हों से पूछो
सच्ची ख़ुशी देखने के लिए बहुत ध्यान से देखना पड़ता है हमें। जो काम हमारे लिए बड़ा जटिल सा लगता है वह इन नन्हे मुन्नों के लिए नहीं। सीधी साधी खोज को बहुत मुश्किल नहीं
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- November 5, 2020
हार
जरा गौर से देखिये, हार बड़ी चुलबुली होती है। अब तक हम सभी ने ना जाने कितनी ही बार हार का सामना किया है। कभी बचपन में, तो कभी पहले नज़र वाले प्यार में, कभी
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- November 4, 2020
रिश्ते
जब हम ढूंढने निकलते हैं तो साफ़ नहीं दिखते पर कभी यूं ही मिल जाते हैं रिश्ते। कुछ जुड़ते हैं तो फ़रिश्ते भी बन जाते हैं। और अगर छोड़ा तो कभी कभी साया बन जाते