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- October 19, 2020
क्या आसान बनाने के लिए दूर हो जाना ही बेहतर था?
रात को सोते वक़्त मिलने आती हैं आपकी यादें, या सताने ही आती होंगी शायद। बड़ी सख़्त दिल हैं, हर वो चीज़, वो लम्हा याद दिलाती हैं जब आपके करीब आने का पूरा हक़ था
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- October 18, 2020
पहाड़ों वाली रातें
पहाड़ों वाली रातें कुछ अलग सी ही होती हैं। पहाड़ों के ऊँचे बदन पर बलखाती हुई नीचे रास्ता बनाती नदी जो अपनी आवाज़ से दिखती है। तारों की बारात से रोशन आसमान जैसे कोई त्यौहार
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- October 17, 2020
क्यों गुमसुम हो जाते हैं लोग?
क्यों गुमसुम हो जाते हैं लोग? मन के हाथ – पैर समेट कर यूं बैठ जाते हैं। बस खुद में ही खो जाते हैं। इनसे आप मुलाक़ात भी नहीं कर सकते क्योंकि ये किसी को
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- October 16, 2020
हमारी अपनी लाडली हिंदी
इन दुनिया में आते ही जो हमे घुट्टी में मिली भाषा होती है वही तो मातृभाषा है। भाषा अकेली नहीं होती, उसमे विरासत, इतिहास, पूर्वज, रिवाज, परम्परा, संस्कृति, धर्म, सोंच और संस्कार जैसा बहुत कुछ

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- October 15, 2020
मज़ा expected में नहीं, मज़ा surprise में है
असल रोमांच मंजिल पर पहुँचने से ज़्यादा मुसाफिरी में है, खानाबदोशी में है। मज़ा expected में नहीं, मज़ा surprise में है। क्यूंकि हम दुनिया को खुद से रूबरू होने का मौका देते हैं। साथ ही
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- October 12, 2020
पिता
अपने समाज में पिता की छवि गंभीर, आवेश में, और निरपेक्ष व्यक्ति की बानी हुई है। परिवार का केंद्र बिंदु होते हुए भी रिश्तों से एक ख़ास दूरी बनाये रखना होता है इन्हे। ममता, हसी,
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- October 11, 2020
नींद
नींद हमारी दिनचर्या का एक अहम हिस्सा है। कोई बड़ा योगी ही इसके बिना रह सकता है। हम-आप के लिए नींद किसी वरदान से काम नहीं। ऐसा कैसे ? आइये जानें … वे लोग जो
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- October 10, 2020
आज तन्हाई बैठी है मेरे साथ
आज तन्हाई बैठी है मेरे साथ। यूं अक्सर हम मिल लेते हैं पर कई बार मुलाकातें नहीं भी हो पाती। उसे कई औरों से भी मिलने जाना होता है। और इधर मुझसे मिलने भी कुछ
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- October 9, 2020
पेड़
जिनके आंगन में, बगीचे में या घर के बाहर, आस – पास कहीं भी पेड़ होता है, या कभी हुआ करता था, केवल वही बता सकता है इनकी सोहबत का आनंद। आपकी दुनियां में एक
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- October 8, 2020
ऊब
ऊब का इंतज़ार क्यों करें? हर रोज़ तलाश हो नए मंजरों की। नया अंजाना होता है, इसलिए अक्सर ख़ुशी देता है। उन शिकारों को लेकर निकल चलें एक अपनी ही तरह की अनोखी यात्रा पे।