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- December 16, 2020
शब्दों के अंबार
मैं कागज़ ले के बैठी हूं, शब्दों के अंबार से कुछ अपने लिए बिन रही हूं। शब्द बहुत ज़्यादा हैं, खुद को खोया हुआ पाती हैं। जैसे मेले में खड़ी एक छोटी बच्ची। बस
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- December 15, 2020
चलिए, कुछ दिन भारत लौट चलें
Immunity की importance के लिए हम आजकल ज़्यादा curious हैं। यूं तो हम कम ही किसी की सुनते हैं पर #corona को avoid नही कर पाए। क्या कुछ दिनों के लिए भारत लौट चलें? हमेशा
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- December 15, 2020
कसक
प्रभु ने हम सभी को कुछ खूबियां, कुछ खासियत दी है, और इसलिए कुछ गुंजाइशें भी रखी हैं। परिपूर्ण नहीं होना ही शायद ज़िन्दगी की खूबसूरती है। दोनों का स्वीकार का लेना जिंदगी जीने
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- December 15, 2020
हम सभी अपने आप में एक ईमारत हैं
हम सभी अपने आप में एक ईमारत हैं। और इस इमारत की उम्र प्रकृति ने लगभग सौ साल तक की तय कर रखी है। सौ साल की जीवनयात्रा तभी अच्छी लगेगी जब इस इमारत की
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- December 14, 2020
जब भी आप माँ कहते हैं आप ईश्वर का नाम लेते हैं
जब भी आप माँ कहते हैं आप ईश्वर का नाम लेते हैं | आपको पता है माँ का माँ होने ही उसकी सबसे बड़ी ख़ुशी है | जब वो अपने ममत्व को जीती है,
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- December 13, 2020
यह वक़्त की दस्तक है, पर दरवाजे बंद रखने हैं
ख्याल गलियों में भटक रहे हैं। चलिए साथ चलते हैं। मोड़ आएंगे, ख्याल लाएंगे, पर साथ ही रहिएगा। बाहर आने की हड़बड़ाहट है। Lockdown उकताहट दे रहा है। आखिर कब आएंगे बाहर जाने के दिन?
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- December 12, 2020
प्रकृति का प्रकट भाव – बारिश
बारिश में भीगना किसे नहीं पसंद, पर उन बूंदों की झड़ी को खिड़की से निहारना भी कहीं सुखद है। ये अल्हड – बेबाक बूँदें भिगोती हैं ‘ऊर्वी’ को झूमते हुए, प्रकृति के अनोखे रंगों को
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- December 11, 2020
वहाँ जहाँ शब्द ना हों
मौन, वहाँ जहाँ शब्द ना हों। यह ज़्यादा प्रभावी अवस्था है। यूँ शब्द भी यहीं से निकलते हैं। साधारण प्रकृति के लोग तो मौन को सहन भी नहीं कर पाते। शब्द अभिव्यक्ति है और
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- December 9, 2020
ज़रा देखिये तो, यह जीने का अंदाज़ कुछ नया – नया सा है
उस थमे हुए दौर से सब ऊब ज़रूर रहे थे, पर क्या केवल ऊब ही हाथ लगी है? कुछ महसूस भी तो किया है। कुछ सीखा, कुछ अनुभव भी तो किया है। चलिए एक
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- December 8, 2020
“किसने कितनी बात मानी”
हमारा व्यक्तित्व किस तरह का है? कैसी सोच रखते हैं हम? हमारे आसपास का, हमारे शहरों का, गावों का, कस्बों का मिज़ाज कैसा है? यह एक सच्चाई जो बीते डेढ़ महीने में ज़ाहिर हो गई।