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- December 15, 2020
चलिए, कुछ दिन भारत लौट चलें
Immunity की importance के लिए हम आजकल ज़्यादा curious हैं। यूं तो हम कम ही किसी की सुनते हैं पर #corona को avoid नही कर पाए। क्या कुछ दिनों के लिए भारत लौट चलें? हमेशा
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- December 15, 2020
कसक
प्रभु ने हम सभी को कुछ खूबियां, कुछ खासियत दी है, और इसलिए कुछ गुंजाइशें भी रखी हैं। परिपूर्ण नहीं होना ही शायद ज़िन्दगी की खूबसूरती है। दोनों का स्वीकार का लेना जिंदगी जीने
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- December 15, 2020
हम सभी अपने आप में एक ईमारत हैं
हम सभी अपने आप में एक ईमारत हैं। और इस इमारत की उम्र प्रकृति ने लगभग सौ साल तक की तय कर रखी है। सौ साल की जीवनयात्रा तभी अच्छी लगेगी जब इस इमारत की
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- December 14, 2020
जब भी आप माँ कहते हैं आप ईश्वर का नाम लेते हैं
जब भी आप माँ कहते हैं आप ईश्वर का नाम लेते हैं | आपको पता है माँ का माँ होने ही उसकी सबसे बड़ी ख़ुशी है | जब वो अपने ममत्व को जीती है,

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- December 7, 2020
Longing for a Break from the Everyday Monotony?
(Break) अवकाश कुछ चुनिन्दा लोगों को छोड़ दें तो ज़्यादातर लोग हमेशा अवकाश ही गिनते रहते हैं। अवकाश यानि मनोरंजन। ठीक भी है की वह पूरा समय सिर्फ काम ही तो करते नही रह सकते।

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- November 30, 2020
Blue Sky Thinking
क्रिएटिविटी जीवन में उत्साह बनाये रखती है। इस से कुछ न कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती रहती है। और प्रेरणा की अहमियत तो हम सब जानते हैं। ना सिर्फ हमारे मस्तिष्क को अच्छी एकाग्रता
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- November 30, 2020
माँ, तुम सजती हो तो दमकता है उत्सव
कहिये, सच है की नहीं? उत्सव में उमंग तब आता है जब माँ सज-सवंरकर पूजा करती है। ‘अन्नपूर्णा’ की रसोई में जब पकवान महकते है तब लगता है आज उत्सव है। घर के सारे कामों
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- November 30, 2020
उस ओर, जहाँ अच्छा लगता है
करते हैं जिंदगी का ‘सफर’ ज़रा देखिये ‘उनको’ थोड़ा दूर से। भाग रहे हैं, सभी बस भाग रहे हैं। ख्वाइशें खत्म होने का नाम ही नहीं लेती। पल दो पल चैन से बैठना हम भूल
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- November 29, 2020
और हम प्रभु से बातें करने लगते हैं …
उपासना का मतलब है – पास में बैठना। उप और आसन से मिलकर बना है ये शब्द। उप का मतलब है पास में। आसन का मतलब है आसन लगाना या बैठना। इस में हमारे शरीर
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- November 26, 2020
कौन होता है दरिद्र?
हमारी संस्कृति का मूल प्रकृति और हमारे समन्वय से है। हमारे हर पर्व, परंपरा का आधार प्रकृति ही है। जिन सिद्धांतों पर प्रकृति काम करती है उन्ही पर अपना शरीर भी काम करता है। दूसरी