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- February 21, 2021
इसलिए प्यार करना सीखना होगा
प्यार या मिठास, बात तो एक ही है हम में से शायद ही कोई ऐसा होगा जिसे खुश रहने की ज़रूरत महसूस ना होती हो। हां, ये बिलकुल अलग बात है की सबकी ख़ुशी की अपनी ही
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- February 20, 2021
क्यूंकि ये खुशियों का पता नहीं ढूंढते फिरते
ये बस पहचान लेते हैं उसे दो सड़कों के बीच डिवाइडर के चौड़े किए जाने या शायद तिराहा बनाने का काम चल रहा था। ज़मीन खुदी हुई थी और उसको बांसों को बांधकर रेखांकित कर दिया
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- February 18, 2021
यादें कुछ यूं बनाई जाती हैं
महसूस करने को वक़्त दीजिये मोबाइल ने जीवन को जितना आसान बनाया है, जितना हमे करीब ला दिया है शायद उस से ज़्यादा दूर भी किया है। कहीं हम ने तस्वीरों को यादों का प्रतिनिधि तो
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- February 15, 2021
सुकून का सबब
थोड़ी दूरी, है ज़रूरी चाहे कोई परिस्थिति हो, कोई व्यक्ति या कोई चीज़, किसी का स्वरुप हमेशा एक जैसा नही रहता। ऐसे में हम जब किसी के साथ बहुत गहरा जुड़ जाते हैं तो बदलाव
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- January 20, 2021
चलिए सुलझा लें रिश्तों का मांझा
काय पो छे ! कुछ एक सा ही रहता है पतंग की डोर और इंसानी रिश्तों का ताना-बाना परिवार, दोस्त या सहकर्मी, रिश्ता चाहे किसी के भी साथ का हो, एक अनदेखी डोर से बंधा होता है।
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- January 17, 2021
खत | यादों में भीगी एक नज़्म
हालात यूं हैं कि जब फोन पे आपकी आवाज सुनती हूं तो भर जाती हूं और आवाज उसी में दब जाती है फिर आगे क्या बोलूं वो मुश्किल हो जाता है। आपको ना याद करना, बार बार ख़यालों
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- January 16, 2021
खुद को बचा लेना कितना ज़रूरी था
अपनी भी संभाल करनी होती है दूसरों को संभालते हुए कहीं खुद को नज़रअंदाज़ तो ना कर बैठे हम लोग आते हैं। हफ्ता – दस दिन रुकते हैं। कुछ तो महज कुछ घंटे। तो कुछ,
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- January 15, 2021
इनकी ‘चूं’ सुनने के लिए कहीं कान तरस न जाएं!
इनकी चूं -चूं आबाद रहे इन नन्ही जानों ने बिजली के ठन्डे तारों पर अपने पैर जमाना कैसे सीखा होगा? चिड़िया के लिए दाना डालना और पानी के बर्तन रखने की प्यारी सी आदत
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- January 12, 2021
ये जवानी है दीवानी
विवेकानंद कहते ही एक ऐसी तस्वीर सामने आती है जिसके बारे में लिख नहीं सकते, उस भाव को महसूस कर सकते हैं बस। आप अभी जब इन तस्वीरों को देख रहे हैं तो कैसा महसूस
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- January 11, 2021
चलिए किसी और की जिंदगी महसूस करते हैं
सिनेमा या थिएटर में हम कलाकारों को देखते हैं जो अलग-अलग तरह के किरदार निभाते हैं। अपने काम को बेहतर बनाने के लिए वे असली किरदार की जिंदगी जी कर जानते हैं और फिर उसे