Posts Tagged: monsoon
- 3 Views
- Urvi
- October 3, 2020
बरसने लगूं बेपरवाह
ख़्वाबों की गलियों में टहलने निकली ही थी की अल्लहड़ बूंदों की तीखी आवाज़ सुन हड़बड़ाई आँखों ने द्वार जो खोले तो स्वागत हुआ उस नमी से जो भाप बनकर खिड़की पर बन फिसल रहे
- 3 Views
- Urvi
- September 26, 2020
पेड़ों को सहलाती बारिश
रिमझिम के गीत सावन गाए कायनात को नहाते हुए देखना जितना सुखद है उतना ही सुहावना है बारिश के बाद का बंधा समा बारिश कि बूंद जैसे पत्तों के बदन पे लटके हुए मोती पेड की पत्तियों